Spiritual Therapy

Faith-integrated counseling addressing emotional wounds, anxiety, and relational struggles from a biblical perspective. Renew your mind in Christ.

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Spiritual Therapy Testimonies

Shiny Suryavanshi

Shiny Suryavanshi

Praise the Lord! I am Shiny from Bidar, Karnataka. Like many ... More

Praise the Lord!

I am Shiny from Bidar, Karnataka. Like many teenagers, I was struggling and facing difficult situations in life. During that time, God helped me through Pastor Mark and Sister Babita, who guided and encouraged me.They taught me from the Bible and helped me grow closer to God.
By God's grace, I found hope, peace, and strength. God helped me overcome my struggles and protected me from the temptations that were leading me away from Him. Today, I am grateful for His love, mercy, and faithfulness in my life.

All Glory to GOD!

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Shikha

Shikha

जय मसीह की। मेरा नाम शिखा है। आज मैं आप सभी ... More

जय मसीह की।
मेरा नाम शिखा है। आज मैं आप सभी के साथ अपने जीवन की एक अद्भुत गवाही साझा करना चाहती हूँ।
पहले मेरे जीवन में बहुत सारी परेशानियाँ और तनाव थे। मैं रिश्तों (रिलेशनशिप) की समस्याओं से जूझ रही थी, पैसों को लेकर चिंतित रहती थी और घर की परिस्थितियों के कारण भी बहुत परेशान रहती थी। इन सब बातों की वजह से मेरे जीवन में शांति नहीं थी और मैं अक्सर तनाव में रहती थी।
लेकिन परमेश्वर की कृपा से मुझे दीदी और भैया मिले। जब मैं उनके पास आई, तब उन्होंने मेरी परिस्थितियों को समझा और हर बात में मेरा मार्गदर्शन किया। चाहे मेरी पढ़ाई की बात हो, आर्थिक परेशानियाँ हों, परिवार की समस्याएँ हों या जीवन की कोई और चिंता, उन्होंने हर कदम पर मुझे सही सलाह दी और परमेश्वर के वचन के अनुसार चलना सिखाया।
उन्होंने मुझे एक-एक कदम करके समझाया कि क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए। उनके मार्गदर्शन और प्रार्थनाओं के द्वारा मैं धीरे-धीरे अपनी परेशानियों, तनावों और गलत रिश्तों से बाहर निकल पाई।
आज मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकती हूँ कि परमेश्वर ने मेरे जीवन में बहुत कार्य किया है। मैं पहले से अधिक शांति और खुशी के साथ जीवन जी रही हूँ। मैं परमेश्वर का धन्यवाद करती हूँ कि उन्होंने मुझे ऐसे आत्मिक अगुवे दिए, जो न केवल हमारा मार्गदर्शन करते हैं बल्कि हमें ईमानदारी से प्रभु में बढ़ने के लिए प्रोत्साहित और सहयोग भी करते हैं।
मैं परमेश्वर का धन्यवाद करती हूँ और दीदी-भैया के लिए भी आभारी हूँ कि उन्होंने हर परिस्थिति में मेरा साथ दिया।
सभी को जय मसीह की।

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Aasha Gomes

Aasha Gomes

जय मसीह की। मैं परमेश्वर का धन्यवाद देती हूँ कि आज ... More

जय मसीह की।
मैं परमेश्वर का धन्यवाद देती हूँ कि आज मुझे आप सभी के सामने अपनी गवाही साझा करने का अवसर मिला।
जब हम पास्टर मार्क भैया और बॉबी दीदी से मिले, तब हमारे जीवन में बहुत सारी परेशानियाँ, निराशाएँ और कठिन परिस्थितियाँ थीं। हमें समझ नहीं आता था कि इन समस्याओं से कैसे बाहर निकलें। लेकिन परमेश्वर की कृपा से हमें उनका मार्गदर्शन मिला।
भैया और दीदी ने हमें परमेश्वर के वचन के अनुसार शिक्षा दी, सही सलाह दी और हर परिस्थिति में हमारा मार्गदर्शन किया। उनके द्वारा मिली सीख और प्रार्थनाओं के कारण हम अपनी बहुत सारी परेशानियों और दुखों से बाहर निकल पाए।
हमने हमेशा देखा है कि कठिन समय में वे हमारे साथ खड़े रहे, हमें प्रोत्साहित किया और प्रभु पर भरोसा रखना सिखाया। परमेश्वर ने हमें एक अच्छी संगति और एक अच्छी कलीसिया दी, जिसके लिए मैं प्रभु का दिल से धन्यवाद करती हूँ।
आज भी हम उनके मार्गदर्शन और प्रार्थनाओं के लिए परमेश्वर के आभारी हैं। यह सब प्रभु का अनुग्रह है कि उन्होंने हमारे जीवन में ऐसे आत्मिक अगुवों को रखा, जिन्होंने हमें सही मार्ग दिखाया और प्रभु में बढ़ने में सहायता की।
मैं प्रभु यीशु मसीह का धन्यवाद करती हूँ और प्रार्थना करती हूँ कि प्रभु भैया और दीदी को भरपूर आशीष दें और उनके द्वारा बहुत से लोगों के जीवन को स्पर्श करें।
सभी को जय मसीह की। प्रभु आप सभी को आशीष दें। आमीन।

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Sherrin

Sherrin

जय मसीह की। मेरा नाम शेरिन है। मैं अपनी गवाही आप ... More

जय मसीह की।
मेरा नाम शेरिन है। मैं अपनी गवाही आप सभी के साथ साझा करना चाहती हूँ।
मैं एक टूटे हुए परिवार से हूँ और मेरे जीवन में बहुत परेशान थी। मैं इतनी निराश हो चुकी थी कि आत्महत्या करने के बारे में भी सोचती थी।
एक दिन किसी ने मुझे प्रभु यीशु मसीह के बारे में बताया। वहाँ परमेश्वर के दास और दासी ने मेरे लिए प्रार्थना की, मेरा मार्गदर्शन किया और मुझे परमेश्वर के वचन के अनुसार चलना सिखाया।
जैसे-जैसे मैं प्रभु के करीब आती गई, परमेश्वर ने मेरी परेशानियों को दूर किया और मुझे शांति, खुशी और आशीष दी। आज मैं अपने जीवन में परमेश्वर की भलाई को देख सकती हूँ।
मैं अपने प्रभु यीशु मसीह का धन्यवाद करती हूँ और साथ ही Care Christ टीम का भी धन्यवाद करती हूँ, जिन्होंने मेरे लिए प्रार्थना की और कठिन समय में मेरा साथ दिया।
सारी महिमा प्रभु यीशु मसीह को मिले।
आमीन।

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Manju

Manju

जय मसीह की। मेरा नाम मंजू है और मैं भजनपुरा, दिल्ली ... More

जय मसीह की।
मेरा नाम मंजू है और मैं भजनपुरा, दिल्ली में रहती हूँ। आज मैं अपने जीवन की गवाही आप सभी के साथ साझा करना चाहती हूँ कि किस प्रकार प्रभु यीशु मसीह ने मेरे जीवन में अद्भुत कार्य किए और मुझे हर परेशानी से निकालकर अपनी शांति और आशीष में रखा।
एक समय ऐसा था जब मेरे जीवन में बहुत सारी परेशानियाँ, दुख और कठिन परिस्थितियाँ थीं। मैं मानसिक रूप से बहुत परेशान रहती थी और मुझे समझ नहीं आता था कि मेरी समस्याओं का समाधान कहाँ मिलेगा। जीवन में निराशा और संघर्ष इतने बढ़ गए थे कि मुझे कोई रास्ता दिखाई नहीं देता था।
इसी दौरान प्रभु यीशु मसीह की बुलाहट मेरे जीवन में आई। जब मैंने प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास करना शुरू किया और उनके पास आई, तब धीरे-धीरे मेरे जीवन में परिवर्तन आने लगा। जो समस्याएँ और परेशानियाँ मुझे वर्षों से सताती थीं, प्रभु ने उन्हें एक-एक करके दूर करना शुरू कर दिया।
मैं पूरे हृदय से प्रभु का धन्यवाद करती हूँ कि जैसे उन्होंने मेरे जीवन में कार्य किया, वैसे ही वह हर व्यक्ति के जीवन में कार्य कर सकते हैं जो उन पर विश्वास करता है।
जब हम प्रभु के पास आए, तब परमेश्वर ने हमारे जीवन में अपने दास और दासी को रखा। उन्होंने हमारे लिए प्रार्थना की, हमें परमेश्वर के वचन सिखाए और हर परिस्थिति में सही मार्गदर्शन दिया। जब भी मैं किसी परेशानी में होती थी, भैया और दीदी परमेश्वर के वचन के द्वारा मुझे समझाते थे। मैंने उनके मार्गदर्शन को माना और वचन के अनुसार चलना शुरू किया। जैसे-जैसे मैं परमेश्वर के वचन पर चलती गई, वैसे-वैसे मेरे जीवन की परेशानियाँ दूर होती गईं।
आज मैं विश्वास के साथ कह सकती हूँ कि प्रभु ने मुझे एक नया जीवन दिया है। पहले मेरा जीवन दुखों और बीमारियों से भरा हुआ था, लेकिन आज प्रभु ने मुझे शांति, आनंद और आत्मिक सामर्थ्य प्रदान की है।
मेरे जीवन की सबसे बड़ी गवाही यह है कि पहले मैं लगातार दवाइयाँ खाती थी। मेरी कमाई का बहुत बड़ा हिस्सा इलाज और दवाइयों में खर्च हो जाता था। लेकिन प्रभु यीशु मसीह ने मुझे चंगाई दी और मुझे दवाइयों पर निर्भर जीवन से छुटकारा दिलाया। आज मैं प्रभु की कृपा से स्वस्थ हूँ और उनके उपकारों के लिए उनका धन्यवाद करती हूँ।
मेरे पैरों में भी गंभीर समस्या थी। मुझे चलने-फिरने में कठिनाई होती थी और हड्डियों से जुड़ी परेशानियाँ भी थीं। लेकिन प्रभु ने अपनी सामर्थ्य से मुझे चंगा किया। आज मैं बिना किसी परेशानी के चल-फिर सकती हूँ। यह सब मेरे प्रभु की दया और सामर्थ्य का परिणाम है।
प्रभु ने केवल मेरे जीवन में ही नहीं, बल्कि मेरे पूरे परिवार में भी कार्य किया। उन्होंने मेरे बच्चों के जीवन को आशीषित किया, उनके विवाह अच्छे से संपन्न करवाए और हमारे परिवार को अपनी शांति और सुरक्षा में रखा।
जब मैं पीछे मुड़कर देखती हूँ, तो मुझे याद आता है कि मैं पहले कैसी थी। मुझे पाप और पवित्र जीवन का कोई ज्ञान नहीं था। मैं संसार की बातों में लगी रहती थी और गलत आदतों में जीवन व्यतीत करती थी। लेकिन जब मैंने परमेश्वर के वचन को सुनना और उस पर चलना शुरू किया, तब मेरा जीवन पूरी तरह बदल गया। मैंने पीछे मुड़कर नहीं देखा कि मैंने क्या छोड़ा, क्योंकि प्रभु में मुझे उससे कहीं अधिक मूल्यवान जीवन मिला।
आज लगभग 22–23 वर्षों से मैं प्रभु में चल रही हूँ। इस पूरे समय में मैंने परमेश्वर की विश्वासयोग्यता को देखा है। उन्होंने मेरे परिवार को संभाला, हमारी रक्षा की और हर परिस्थिति में हमारा साथ दिया।
मैंने अपने जीवन में सीखा है कि केवल प्रभु के भवन में आना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि परमेश्वर के वचन को सुनना, उस पर विश्वास करना और उसे अपने जीवन में लागू करना भी आवश्यक है। जब हम विश्वास के साथ परमेश्वर के वचन को थामे रहते हैं, तब वह हमारे जीवन में अद्भुत कार्य करते हैं।
आज संसार में अनेक प्रकार की बीमारियाँ, परेशानियाँ और संकट हैं। लोग छोटी उम्र में ही अनेक समस्याओं का सामना कर रहे हैं। लेकिन मैं यह गवाही दे सकती हूँ कि जो व्यक्ति प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास रखता है, उनके वचन के अनुसार चलता है और अपने जीवन को उनके हाथों में सौंप देता है, प्रभु उसे संभालते हैं, मार्गदर्शन देते हैं और हर परिस्थिति में उसके साथ रहते हैं।
इसलिए मैं आप सभी को प्रोत्साहित करना चाहती हूँ कि प्रभु यीशु मसीह पर अपना विश्वास दृढ़ रखें, उनके वचन को अपने जीवन में स्थान दें और प्रतिदिन अपना क्रूस उठाकर उनके पीछे चलें। वही हमारे उद्धार का मार्ग हैं, वही हमारी शांति का स्रोत हैं और वही हमारे जीवन की सच्ची आशा हैं।
मैं अपने प्रभु यीशु मसीह का धन्यवाद करती हूँ कि उन्होंने मेरे जीवन में इतने महान कार्य किए और आज भी कर रहे हैं।
सारी महिमा, आदर, स्तुति और धन्यवाद केवल हमारे प्रभु यीशु मसीह को मिले।
आमीन।

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Jyoti

Jyoti

जय मसीह की। मैं प्रभु का धन्यवाद करती हूँ कि आज ... More

जय मसीह की।
मैं प्रभु का धन्यवाद करती हूँ कि आज मुझे अपने वैवाहिक जीवन के बारे में यह गवाही साझा करने का अवसर मिला।
विवाह के बाद हमारे जीवन में कई उतार-चढ़ाव आए। मेरे पति और मेरे स्वभाव, सोच और परिस्थितियों में बहुत अंतर था। कई बार ऐसी परिस्थितियाँ आईं जब हमें एक-दूसरे को समझना और साथ चलना बहुत कठिन लगने लगा। हमारे वैवाहिक जीवन में कई चुनौतियाँ और संघर्ष थे, जिनका समाधान हमें समझ नहीं आ रहा था।
इन्हीं कठिन समयों में हमारी कलीसिया, भैया और दीदी हमारे साथ मजबूती से खड़े रहे। उन्होंने न केवल हमारी बातें सुनीं, बल्कि प्रेम, धैर्य और परमेश्वर के वचन के अनुसार हमारा मार्गदर्शन भी किया। उन्होंने हमें समझाया कि वैवाहिक जीवन में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, एक-दूसरे को कैसे समझना चाहिए और परमेश्वर की इच्छा के अनुसार कैसे चलना चाहिए।
हमने उनके द्वारा दिए गए मार्गदर्शन को मानना शुरू किया और परमेश्वर पर भरोसा रखते हुए उन बातों को अपने जीवन में लागू किया। धीरे-धीरे हमने अपने जीवन में बदलाव देखना शुरू किया। जहाँ पहले तनाव और संघर्ष थे, वहाँ प्रेम, समझ और शांति आने लगी। परमेश्वर ने हमारे रिश्ते में कार्य किया और हमें पहले से अधिक मजबूत बनाया।
आज जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं, तो स्पष्ट रूप से देख सकते हैं कि प्रभु ने भैया, दीदी और कलीसिया के माध्यम से हमारे जीवन में अद्भुत कार्य किया है। उनकी प्रार्थनाओं, प्रेम और मार्गदर्शन के कारण हम अनेक कठिन परिस्थितियों से बाहर निकल पाए।
आज हमारा वैवाहिक जीवन पहले से कहीं अधिक बेहतर है। हमारे परिवार में शांति है, प्रेम है और हम दोनों मिलकर परमेश्वर में आगे बढ़ रहे हैं। हम इसके लिए अपनी कलीसिया, भैया और दीदी के बहुत आभारी हैं, जो आज भी हमारे साथ खड़े हैं, हमारे लिए प्रार्थना करते हैं और हमें सही दिशा दिखाते हैं।
मैं प्रभु यीशु मसीह का धन्यवाद करती हूँ कि उन्होंने हमारे जीवन में ऐसे आत्मिक मार्गदर्शक और ऐसी कलीसिया दी, जिन्होंने हर परिस्थिति में हमारा साथ दिया।
सारी महिमा, आदर और धन्यवाद केवल हमारे प्रभु यीशु मसीह को मिले।
आमीन।

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Ashu

Ashu

जय मसीह की। मेरा नाम आशु है और मैं दिल्ली में ... More

जय मसीह की।
मेरा नाम आशु है और मैं दिल्ली में रहती हूँ। आज मैं आप सभी के साथ अपने जीवन की एक छोटी-सी गवाही साझा करना चाहती हूँ कि किस प्रकार परमेश्वर ने मेरे जीवन में कार्य किया और हर परिस्थिति में मेरा मार्गदर्शन किया।
मैं वर्ष 2014 में प्रभु के पास आई थी। उस समय मुझे पेट में गंभीर दर्द की समस्या रहती थी। मैंने विश्वास के साथ प्रभु की ओर रुख किया और परमेश्वर ने मेरे जीवन में अद्भुत कार्य किया। उनकी कृपा से मैं पूरी तरह स्वस्थ हो गई।
कुछ वर्षों बाद परिस्थितियाँ बदल गईं। मेरा परिवार उस समय विश्वास में नहीं था और उन्होंने मुझे सभा में जाने से मना कर दिया। साथ ही मेरे विवाह के लिए भी रिश्ते देखे जा रहे थे। यद्यपि मैं नियमित रूप से संगति में नहीं जा पा रही थी, फिर भी मैंने प्रार्थना करना नहीं छोड़ा। मैंने परमेश्वर से मार्गदर्शन माँगा और प्रभु ने मेरे लिए एक सुंदर मार्ग तैयार किया। उनकी कृपा से मेरा विवाह एक विश्वास करने वाले परिवार में हुआ और मैं फिर से प्रभु में बढ़ने लगी।
लेकिन विवाह के बाद जीवन में कई नई जिम्मेदारियाँ और चुनौतियाँ आ गईं। पारिवारिक परिस्थितियाँ बदल गईं और मैं उन सबको संभाल नहीं पा रही थी। मैं मानसिक रूप से बहुत परेशान रहने लगी। इसके साथ ही मेरे स्वास्थ्य में भी कई समस्याएँ आने लगीं। डॉक्टरों ने मुझे थायरॉइड, किडनी में सिस्ट और अन्य कई बीमारियों के बारे में बताया। मैं शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से बहुत कमजोर हो गई थी।
इन्हीं परिस्थितियों में मैं अपने भैया और दीदी से मिली। मैंने उन्हें अपनी सारी समस्याएँ बताईं। उन्होंने मेरी बातों को ध्यान से सुना और परमेश्वर के वचन के अनुसार मुझे मार्गदर्शन दिया। उन्होंने मुझे समझाया कि मुझे अपने जीवन में कहाँ सुधार करने की आवश्यकता है और किस प्रकार परमेश्वर के सामने नम्र होकर आगे बढ़ना चाहिए।
मैंने उनके मार्गदर्शन को स्वीकार किया और जैसा उन्होंने बताया, वैसा करना शुरू किया। मैंने प्रार्थना में समय बिताना शुरू किया, परमेश्वर के वचन के अनुसार चलने का प्रयास किया और अपने जीवन को प्रभु के हाथों में सौंप दिया। धीरे-धीरे मैंने अपने जीवन में परमेश्वर के अद्भुत कार्यों को देखना शुरू किया। मेरी बीमारियाँ दूर होने लगीं और मैं पहले से कहीं अधिक स्वस्थ और मजबूत महसूस करने लगी।
हालाँकि मेरी कुछ पारिवारिक समस्याएँ अभी भी बनी हुई थीं। छोटी-छोटी बातों पर मनमुटाव हो जाता था, बात-बात पर गुस्सा आता था और परिवार में सामंजस्य बनाए रखना मेरे लिए कठिन हो रहा था। मैं इन बातों से बहुत परेशान रहती थी।
एक दिन जब मैं बहुत निराश और टूट चुकी थी, तब मैं फिर से भैया और दीदी के पास गई। उन्होंने मेरी परिस्थितियों को समझा और मुझे परमेश्वर की ओर देखने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि परमेश्वर मुझसे प्रेम करता है, मुझे कभी नहीं छोड़ेगा और मेरी हर समस्या का समाधान उसके पास है। उन्होंने मुझे सिखाया कि परिवार के लोगों से प्रेम करना, उनके लिए प्रार्थना करना और अपने व्यवहार में नम्रता रखना कितना आवश्यक है।
मैंने उनके बताए अनुसार चलना शुरू किया। मैंने अपने परिवार के लिए प्रार्थना करनी शुरू की, उनके प्रति प्रेम दिखाना शुरू किया और अपने व्यवहार में बदलाव लाने का प्रयास किया। परमेश्वर ने बहुत जल्दी कार्य करना शुरू कर दिया। जिन समस्याओं को मैं लगभग दो वर्षों से सुलझा नहीं पा रही थी, उनमें कुछ ही समय में बदलाव दिखाई देने लगा। परिवार का वातावरण बेहतर होने लगा, रिश्तों में मधुरता आने लगी और घर में शांति बढ़ने लगी।
आज मैं बहुत खुश हूँ क्योंकि परमेश्वर ने मेरे जीवन की अनेक समस्याओं का समाधान किया है। उन्होंने मुझे शारीरिक चंगाई दी, मानसिक शांति दी और पारिवारिक जीवन में भी आशीष दी।
मैं पूरे हृदय से परमेश्वर का धन्यवाद करती हूँ कि उन्होंने मेरे जीवन में ऐसे आत्मिक मार्गदर्शक दिए जिन्होंने मुझे सही दिशा दिखाई, परमेश्वर के वचन को समझाया और हर परिस्थिति में मेरा साथ दिया। आज के समय में बहुत से लोग सही मार्गदर्शन की तलाश में हैं, और मैं परमेश्वर की आभारी हूँ कि उन्होंने मुझे ऐसे अगुवे दिए जिन्होंने मुझे प्रभु के और निकट लाया।
मेरी प्रार्थना है कि परमेश्वर भैया और दीदी को भरपूर आशीष दें, उन्हें और अधिक सामर्थ्य प्रदान करें और उनके द्वारा अनेक लोगों के जीवन को स्पर्श करें। मैं चाहती हूँ कि और भी लोग परमेश्वर की भलाई को देखें, उसकी इच्छा को समझें और उसके मार्ग पर चलकर आशीष पाएँ।
सारी महिमा, आदर और धन्यवाद केवल हमारे प्रभु यीशु मसीह को मिले।
आमीन।

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Neeraj

Neeraj

जय मसीह की। मेरा नाम नीरज है और मैं भजनपुरा, दिल्ली ... More

जय मसीह की।
मेरा नाम नीरज है और मैं भजनपुरा, दिल्ली में रहता हूँ। आज मैं आप सभी के साथ अपने जीवन की एक अनमोल गवाही साझा करना चाहता हूँ कि प्रभु यीशु मसीह ने मेरे जीवन में कैसे कार्य किया और कैसे उन्होंने मुझे एक गलत जीवन से निकालकर अपने मार्ग पर चलाया।
एक समय ऐसा था जब मेरा जीवन गलत संगति में बीत रहा था। मैं विभिन्न प्रकार के नशों में पड़ा हुआ था और ऐसे लोगों के साथ रहना मुझे अच्छा लगता था जो गलत रास्तों पर चल रहे थे। मैं अपना अधिकांश समय उन्हीं के साथ बिताता था। जहाँ वे जाते, मैं भी उनके साथ जाता। मुझे लगता था कि यही जीवन है और मैं उसी में आनंद ढूँढ रहा था।
उस समय मेरा अपने परिवार से कोई विशेष लगाव नहीं था और न ही मेरा कलीसिया या परमेश्वर के साथ कोई संबंध था। मैं प्रभु को वास्तव में जानता नहीं था और अपने जीवन को अपनी इच्छा के अनुसार जी रहा था।
लेकिन परमेश्वर की मेरे जीवन के लिए एक अलग ही योजना थी। उन्होंने मुझे उस जीवन से बाहर निकालने का कार्य शुरू किया। धीरे-धीरे परमेश्वर ने ऐसी परिस्थितियाँ बनने दीं कि मेरे सभी पुराने मित्र और गलत संगति मुझसे दूर होने लगे। एक-एक करके वे लोग मेरे जीवन से हटते गए और अंत में मैं बिल्कुल अकेला रह गया।
उस समय मुझे यह समझ नहीं आ रहा था कि मेरे साथ क्या हो रहा है, लेकिन आज मैं जानता हूँ कि वह सब परमेश्वर की योजना का हिस्सा था। जब मैं अकेला रह गया, तब मेरा ध्यान अपने परिवार की ओर गया। मैंने अपने परिवार के साथ समय बिताना शुरू किया और तब मुझे समझ आया कि सच्चा प्रेम, अपनापन और परिवार का महत्व क्या होता है।
जैसे-जैसे मैं परमेश्वर के निकट आता गया, उन्होंने मेरे जीवन को बदलना शुरू किया। प्रभु ने मेरी प्रार्थनाएँ सुनीं और मुझे एक अच्छी जीवनसंगिनी प्रदान की। परमेश्वर की कृपा से मेरा विवाह हुआ और विवाह के बाद मेरे जीवन ने एक नई दिशा प्राप्त की।
उस दिन से मैंने अपने पुराने जीवन की ओर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। मैंने प्रभु से वादा किया कि मैं फिर कभी उस पुराने रास्ते पर नहीं लौटूँगा। मैंने अपने पुराने जीवन को समाप्त करके प्रभु के साथ एक नए जीवन की शुरुआत की।
आज परमेश्वर ने मुझे एक अच्छी पत्नी दी है और हम दोनों मिलकर प्रभु की सेवा कर रहे हैं। उनकी कृपा से हम आत्मिक रूप से आगे बढ़ रहे हैं और परमेश्वर के वचन के अनुसार जीवन जीने का प्रयास कर रहे हैं।
मैं अपनी इस छोटी-सी गवाही के द्वारा आप सभी को प्रोत्साहित करना चाहता हूँ कि यदि आप किसी गलत संगति, नशे, बुरी आदत या किसी ऐसी परिस्थिति में फँसे हुए हैं जहाँ से निकलना आपको असंभव लगता है, तो निराश मत होइए। प्रभु यीशु मसीह के लिए कुछ भी असंभव नहीं है।
यदि आप पूरे विश्वास के साथ प्रभु की ओर मुड़ेंगे और उनसे सहायता माँगेंगे, तो वह अवश्य आपको उस परिस्थिति से बाहर निकालेंगे, जैसे उन्होंने मुझे निकाला। परमेश्वर आज भी लोगों के जीवन बदल रहे हैं और वह आपके जीवन में भी अद्भुत कार्य कर सकते हैं।
मैं अपने प्रभु यीशु मसीह का धन्यवाद करता हूँ कि उन्होंने मुझे नया जीवन, नया मार्ग और नई आशा प्रदान की।
सारी महिमा, आदर और धन्यवाद केवल हमारे प्रभु यीशु मसीह को मिले।
आमीन।

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Roopa

Roopa

जय मसीह की। मेरा नाम रूपा है और मैं नजफगढ़, दिल्ली ... More

जय मसीह की।
मेरा नाम रूपा है और मैं नजफगढ़, दिल्ली में रहती हूँ।
मैं एक मसीही परिवार में जन्मी थी, लेकिन सच कहूँ तो मैं प्रभु यीशु मसीह को वास्तव में नहीं जानती थी। मैं केवल इतना जानती थी कि यीशु मसीह हमारे उद्धारकर्ता हैं, लेकिन मैं परमेश्वर के वचन के अनुसार जीवन नहीं जीती थी और न ही उनके मार्ग पर चलती थी।
मेरे जीवन में एक बहुत कठिन समय तब आया जब मेरी माँ का देहांत हो गया। उस समय मेरी उम्र केवल 15 वर्ष थी। माँ को खोने का दुख मेरे लिए बहुत बड़ा था। मैं अंदर से पूरी तरह टूट चुकी थी। मेरे जीवन में बहुत सारी परेशानियाँ, तनाव और अकेलापन था। मुझे समझ नहीं आता था कि मैं किससे अपनी बातें कहूँ और अपने दुखों को किसके साथ बाँटूँ।
इन्हीं परिस्थितियों के बीच मेरी मुलाकात भैया और दीदी से हुई। उन्होंने मेरी बातें सुनीं, मेरी समस्याओं को समझा और मुझे प्रेम से अपनाया। मुझे आज भी याद है, जब दीदी ने पहली बार मुझे गले लगाया, तो मुझे ऐसा महसूस हुआ जैसे एक माँ ने मुझे अपने प्यार से संभाल लिया हो। उस पल मुझे बहुत शांति और सुकून मिला।
उस समय मेरा जीवन अशांति और दुख से भरा हुआ था, लेकिन भैया और दीदी ने मुझे परमेश्वर के वचन के अनुसार मार्गदर्शन देना शुरू किया। उन्होंने मुझे सिखाया कि केवल प्रभु यीशु मसीह ही हमारे सच्चे उद्धारकर्ता हैं और उन्हीं पर विश्वास करना हमारे जीवन के लिए सबसे आवश्यक है। उन्होंने मुझे समझाया कि प्रभु ही ऐसे हैं जो हमारी हर समस्या, दुख और संघर्ष से हमें बाहर निकाल सकते हैं।
जैसे-जैसे मैंने परमेश्वर के वचन को सुनना और उसे अपने जीवन में लागू करना शुरू किया, वैसे-वैसे मेरे जीवन में परिवर्तन आने लगा। मैंने भैया और दीदी की शिक्षाओं को स्वीकार किया और परमेश्वर के मार्ग पर चलना शुरू किया। प्रभु ने मेरे जीवन में अद्भुत कार्य किए और धीरे-धीरे मुझे मेरे दुखों, तनावों और संघर्षों से बाहर निकाला।
आज मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकती हूँ कि प्रभु ने मुझे शारीरिक, मानसिक, आत्मिक और आर्थिक रूप से आशीषित किया है। उन्होंने मेरे जीवन में शांति दी, मुझे मजबूत बनाया और हर क्षेत्र में मेरी बढ़ोतरी की। सबसे बड़ी बात यह है कि उन्होंने मुझे आत्मिक रूप से बढ़ाया और अपने और अधिक निकट किया।
मैं अपने प्रभु यीशु मसीह का धन्यवाद करती हूँ कि उन्होंने मेरे जीवन में ऐसे आत्मिक मार्गदर्शक भेजे जिन्होंने मुझे प्रेम से संभाला, सही दिशा दिखाई और परमेश्वर के वचन के अनुसार जीवन जीना सिखाया।
आज मेरा जीवन इस बात की गवाही है कि जब हम प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास करते हैं और उनके वचन के अनुसार चलते हैं, तो वह हमारे टूटे हुए जीवन को भी बदल सकते हैं, हमें शांति दे सकते हैं और हमें एक नई आशा से भर सकते हैं।
सारी महिमा, आदर और धन्यवाद केवल हमारे प्रभु यीशु मसीह को मिले।
आमीन।

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Simran

Simran

जय मसीह की। आज मैं आप सभी के साथ अपना व्यक्तिगत ... More

जय मसीह की।
आज मैं आप सभी के साथ अपना व्यक्तिगत अनुभव साझा करना चाहती हूँ और आपको प्रोत्साहित करना चाहती हूँ कि यदि आप अपने जीवन में किसी भी प्रकार की परेशानी, संघर्ष या कठिन परिस्थिति से गुजर रहे हैं, तो उसे अकेले सहने की आवश्यकता नहीं है।
पिछले वर्ष मैं शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से बहुत कठिन परिस्थितियों से गुजर रही थी। मेरे जीवन में कई ऐसी समस्याएँ थीं जिनका समाधान मुझे अपने परिवार, मित्रों या अन्य लोगों से नहीं मिल पा रहा था। मैं अंदर से टूट चुकी थी और नियमित रूप से प्रार्थना भी नहीं कर पा रही थी।
इसी दौरान परमेश्वर ने मुझे Care Christ से जोड़ा। यहाँ आकर मैंने एक बहुत अलग अनुभव किया। यहाँ किसी प्रकार की माँग नहीं की जाती, न ही किसी से कोई शुल्क या आर्थिक सहायता की अपेक्षा की जाती है। आपको केवल एक सच्चा और खुला हृदय लेकर आना होता है और अपनी परिस्थितियों को ईमानदारी से साझा करना होता है।
Care Christ की पूरी टीम, पास्टर और लीडर्स बहुत समर्पण और प्रेम के साथ लोगों की सेवा करते हैं। वे हर व्यक्ति की बात को गंभीरता से सुनते हैं और किसी को भी नज़रअंदाज़ नहीं करते। जब आप अपनी समस्या उनके साथ साझा करते हैं, तो वे आपके लिए प्रार्थना करते हैं, आपका मार्गदर्शन करते हैं और परमेश्वर के वचन के अनुसार आपको सही दिशा दिखाते हैं।
यदि आप शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, पारिवारिक या आर्थिक किसी भी प्रकार की समस्या से गुजर रहे हैं, तो यहाँ आपको प्रेम, सहयोग और उचित मार्गदर्शन मिल सकता है। यहाँ आपको बताया जाता है कि ऐसी परिस्थितियों में हमें क्या करना चाहिए, क्या नहीं करना चाहिए, और किस प्रकार परमेश्वर पर भरोसा रखते हुए आगे बढ़ना चाहिए।
मेरे जीवन में Care Christ की सेवाओं के द्वारा बहुत आशीष मिली है। उन्होंने मेरी कठिन परिस्थितियों में मेरा साथ दिया, मेरे लिए प्रार्थना की, मुझे प्रोत्साहित किया और मुझे परमेश्वर में मजबूत बनने में सहायता की। आज भी मैं उनके साथ जुड़ी हुई हूँ और इसके लिए परमेश्वर का धन्यवाद करती हूँ।
मैं आप सभी को प्रोत्साहित करना चाहती हूँ कि यदि आप किसी भी प्रकार की परेशानी से गुजर रहे हैं, तो एक बार अवश्य संपर्क करें, अपनी समस्याओं को साझा करें और प्रार्थना प्राप्त करें। यहाँ लोग केवल सलाह नहीं देते, बल्कि एक परिवार की तरह आपका साथ निभाते हैं और चाहते हैं कि आप अपनी कठिनाइयों से बाहर निकलकर परमेश्वर की शांति और आशीष का अनुभव करें।
मैं पूरे हृदय से Care Christ टीम का धन्यवाद करती हूँ कि उन्होंने कठिन समय में मेरा साथ दिया। मैं उनके प्रेम, समर्पण और सेवा भाव की सराहना करती हूँ। सबसे बढ़कर मैं अपने प्रभु यीशु मसीह का धन्यवाद करती हूँ, जिन्होंने मुझे सही समय पर सही लोगों से मिलाया और हर परिस्थिति में मेरा हाथ थामे रखा।
आज भी मैं विश्वास करती हूँ कि परमेश्वर अपने लोगों के द्वारा कार्य करते हैं, और जब हम विश्वास के साथ उनकी ओर देखते हैं, तो वह हमारे लिए मार्ग बनाते हैं।
सारी महिमा, आदर और धन्यवाद केवल हमारे प्रभु यीशु मसीह को मिले।
आमीन।

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Meenu

Meenu

जय मसीह की। मेरा नाम मीनू है और मैं रोहिणी, दिल्ली ... More

जय मसीह की।
मेरा नाम मीनू है और मैं रोहिणी, दिल्ली में रहती हूँ। आज मैं अपने जीवन की एक छोटी-सी गवाही आप सभी के साथ साझा करना चाहती हूँ कि प्रभु यीशु मसीह ने मेरे जीवन में किस प्रकार अद्भुत कार्य किया।
मैं वर्ष 2017 में प्रभु में आई। उससे पहले मेरा जीवन बहुत संघर्षों, दुखों और निराशाओं से भरा हुआ था। मैं ऐसे परिवार से हूँ जहाँ मेरी सगी माँ नहीं थीं। मेरी सौतेली माँ थीं और बचपन से ही मैं अपने परिवार के प्रेम और अपनापन से दूर रही। मेरे मन में हमेशा एक खुशहाल परिवार की चाहत थी।
बाद में मैंने अपनी पसंद से विवाह किया, लेकिन विवाह के बाद भी मुझे न तो अपने परिवार का सहयोग मिला और न ही ससुराल पक्ष का। शुरू में हमारी शादीशुदा ज़िंदगी कुछ समय तक ठीक चली, लेकिन जब हमारे बेटे का जन्म हुआ, तब हमारे जीवन में एक के बाद एक समस्याएँ बढ़ने लगीं।
मेरा बेटा अक्सर बीमार रहता था। महीने के चार हफ्तों में से तीन हफ्ते वह किसी न किसी बीमारी से जूझता रहता था। उसकी बीमारी के कारण हमारे खर्चे बढ़ते गए और हम कर्ज़ में डूबते चले गए। हम किराए के मकान में रहते थे और आर्थिक स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही थी।
जैसे-जैसे कर्ज़ बढ़ता गया, वैसे-वैसे हमारे घर में झगड़े और तनाव भी बढ़ने लगे। मेरे पति नशे की ओर बढ़ने लगे और मेरा मानसिक संतुलन भी बिगड़ने लगा। हमारी ज़िंदगी पूरी तरह बिखर चुकी थी। मैं इतनी निराश हो गई थी कि कई बार आत्महत्या करने की कोशिश की। कभी दवाइयाँ खा लेती, कभी पंखे से लटकने का प्रयास करती, तो कभी नींद की गोलियाँ लेने के बारे में सोचती। मुझे जीवन में कोई आशा दिखाई नहीं देती थी।
इसी दौरान एक बहन ने मुझे प्रभु यीशु मसीह के बारे में बताया। मैंने प्रभु पर विश्वास करना शुरू किया और कुछ समय तक प्रभु में चलती रही। लेकिन आसपास के लोगों ने मुझे डराना शुरू कर दिया। उनके डराने के कारण मैंने प्रभु के पीछे चलना छोड़ दिया।
उसके बाद मेरी ज़िंदगी पहले से भी अधिक खराब हो गई। घर में लड़ाई-झगड़े, मारपीट और तनाव इतना बढ़ गया कि हम पति-पत्नी अलग होने का निर्णय ले चुके थे। हमारा सामान तक पैक हो चुका था।
इसी बीच एक दिन मेरे जीवन में एक ऐसी घटना घटी जिसने सब कुछ बदल दिया। मेरा बेटा घर के एक कमरे में अंदर से लॉक हो गया। लगभग तीन से चार घंटे तक वह अंदर बंद रहा। उस समय गर्मी का मौसम था और धीरे-धीरे उसकी हालत गंभीर हो गई। आसपास के लोग कहने लगे कि शायद बच्चा अब नहीं बचा होगा।
उस समय मैंने अपने जीवन के सारे दुख याद किए और सोचा कि मेरे जीने का एकमात्र कारण मेरा बेटा है। यदि मेरा बेटा जीवित नहीं बचा, तो मैं भी जीवित नहीं रहूँगी। उसी समय मेरे मन में एक विचार आया कि कुछ समय पहले मैंने प्रभु यीशु का नाम सुना था और जब मैं उनके पीछे चली थी, तब मेरे जीवन में कुछ अच्छा होने लगा था। मैंने वहीं खड़े होकर पूरे विश्वास के साथ प्रभु यीशु के नाम से प्रार्थना की।
कुछ समय बाद मेरा बेटा होश में आ गया। हमने दीवार तोड़कर उसे बाहर निकाला और वह सुरक्षित था। उस दिन मैंने परमेश्वर से एक वादा किया कि यदि मेरा बेटा सुरक्षित बाहर निकल आएगा, तो मैं पूरी निष्ठा से प्रभु के पीछे चलूँगी।
उस घटना के बाद मैं एक ऐसी कलीसिया और संगति की खोज करने लगी जहाँ मैं प्रभु की आराधना कर सकूँ और उनके वचन को सीख सकूँ। परमेश्वर की कृपा से एक बहन के द्वारा मुझे ऐसी संगति मिली जहाँ मैं अपने पति और बेटे के साथ जाने लगी।
वहाँ पहुँचने के बाद प्रभु के दास-दासियों और विश्वासियों ने हमारा बहुत सहयोग किया। उन्होंने हमें परमेश्वर के वचन के अनुसार जीवन जीना सिखाया। हम नियमित रूप से सभाओं और मीटिंग्स में भाग लेने लगे और धीरे-धीरे हमारे जीवन में बदलाव आने लगा।
प्रभु ने हमारे जीवन से आर्थिक परेशानियों को दूर किया। हमारे बेटे की लगातार रहने वाली बीमारियाँ समाप्त हो गईं। पति-पत्नी के बीच के झगड़े और तनाव खत्म हो गए। हमारे रिश्ते में फिर से प्रेम, सम्मान और समझ लौट आई। आज हम एक खुशहाल परिवार के रूप में जीवन जी रहे हैं।
मैं विशेष रूप से परमेश्वर का धन्यवाद करती हूँ कि उन्होंने हमारे जीवन में ऐसे आत्मिक माता-पिता, एक प्रेम करने वाली कलीसिया और एक सुंदर परिवार दिया, जहाँ हमें हर उम्र और हर परिस्थिति के अनुसार मार्गदर्शन मिलता है। वहाँ युवाओं, बहनों, भाइयों और दंपत्तियों के लिए अलग-अलग सभाएँ आयोजित की जाती हैं, जिनसे हमें आत्मिक रूप से बढ़ने में बहुत सहायता मिली है।
आज मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकती हूँ कि यदि हम परमेश्वर के वचन के अनुसार जीवन जीने का प्रयास करते हैं, तो प्रभु हमारे जीवन में शांति, प्रेम, चंगाई, छुटकारा और आशीष लेकर आते हैं। उन्होंने मेरे टूटे हुए परिवार को जोड़ा, मेरे जीवन को नई दिशा दी और मुझे सच्ची आशा प्रदान की।
मैं अपने प्रभु यीशु मसीह का धन्यवाद करती हूँ कि उन्होंने मेरे जीवन में इतने अद्भुत कार्य किए।
सारी महिमा, आदर, स्तुति और आराधना केवल हमारे प्रभु यीशु मसीह को मिले।
आमीन।

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Prarthna

Prarthna

जय मसीह की। आज मैं अपनी छोटी-सी गवाही आप सभी के ... More

जय मसीह की।
आज मैं अपनी छोटी-सी गवाही आप सभी के साथ साझा करना चाहती हूँ।
प्रभु को जानने से पहले मेरे जीवन में सच्ची शांति नहीं थी। हमारे परिवार में कई प्रकार की परेशानियाँ थीं। फिर एक समय ऐसा आया जब मेरे पापा का देहांत हो गया। उस समय हमारा पूरा परिवार बहुत दुख, दर्द और कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा था। हम निराशा और परेशानियों में जी रहे थे और हमें समझ नहीं आ रहा था कि आगे क्या करें।
उसी समय प्रभु ने हमारे जीवन में अपने दासों को भेजा। मार्क भैया और बॉबी दीदी हमारे घर आए और उन्होंने हमें प्रभु यीशु मसीह के बारे में बताया। उन्होंने प्रेम से हमारा मार्गदर्शन किया और हमें प्रभु को जानने में सहायता की। वे हमेशा हमारे लिए प्रार्थना करते थे और हर परिस्थिति में हमें सही दिशा दिखाते थे।
मैं प्रभु का धन्यवाद करती हूँ कि उसने हमारे जीवन में ऐसे आत्मिक माता-पिता भेजे, जिन्होंने हर समय हमारा साथ दिया, हमें संभाला और प्रभु के प्रेम से परिचित कराया। आज भी वे हमारे लिए प्रार्थना करते हैं और हमें प्रभु के मार्ग में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
धीरे-धीरे हमने अपने जीवन में प्रभु को ग्रहण किया और तभी हमारे जीवन में सच्ची शांति आने लगी। परमेश्वर ने हमारे टूटे हुए मनों को संभाला और हमें नई आशा दी।
कुछ समय बाद हम नोएडा में रहने लगे। वहीं एक समय मुझे टीबी (Tuberculosis) जैसी गंभीर बीमारी हो गई। वह समय मेरे और मेरे परिवार के लिए बहुत कठिन था। लेकिन उस कठिन परिस्थिति में भी प्रभु ने मेरा साथ नहीं छोड़ा। कलीसिया के लोगों, प्रभु के दासों और मेरे परिवार ने मेरे लिए लगातार प्रार्थना की। प्रभु ने उन प्रार्थनाओं को सुना और मुझे चंगाई प्रदान की। उनकी कृपा से मैं पूरी तरह स्वस्थ हो गई।
इसके बाद प्रभु ने हमारे परिवार में एक और सुंदर कार्य किया। मेरी मम्मी का पुनः विवाह हुआ और परमेश्वर ने हमें एक प्रेम करने वाला और देखभाल करने वाला परिवार दिया। आज हम सभी एक परिवार के रूप में प्रेम, एकता और शांति के साथ जीवन बिता रहे हैं।
आज मैं अपने पूरे परिवार के साथ प्रभु का धन्यवाद करती हूँ कि उसने हमारे जीवन में इतने अद्भुत कार्य किए। मैं विश्वास करती हूँ कि भविष्य में चाहे कैसी भी परेशानी, दुख या परीक्षा क्यों न आए, प्रभु हमें कभी नहीं छोड़ेगा। वह हमेशा हमारे साथ रहेगा, हमें संभालेगा और अपनी सामर्थ्य से हमें आगे बढ़ाएगा।
मैं अपने जीवन में प्रभु की विश्वासयोग्यता को देखकर उसकी महिमा करती हूँ और उसके हर उपकार के लिए धन्यवाद देती हूँ।
सारी महिमा, आदर और धन्यवाद केवल हमारे प्रभु यीशु मसीह को मिले।
आमीन।

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Divya

Divya

जय मसीह की। मेरा नाम दिव्या है और मैं दिल्ली के ... More

जय मसीह की।
मेरा नाम दिव्या है और मैं दिल्ली के बुराड़ी क्षेत्र में रहती हूँ। आज मैं अपने जीवन की एक छोटी-सी गवाही आप सभी के साथ साझा करना चाहती हूँ कि कैसे प्रभु ने मेरे जीवन में कार्य किया और मुझे सही मार्ग पर चलना सिखाया।
एक समय ऐसा था जब मेरे ऊपर घर के कामों की बहुत अधिक ज़िम्मेदारियाँ थीं। लगातार काम और मानसिक दबाव के कारण मैं बहुत परेशान रहने लगी थी। इसी परेशानी और तनाव में मैंने अपने घरवालों से, विशेषकर अपनी मम्मी से, गलत तरीके से बात कर दी। मेरी बातों से मेरे परिवार को बहुत दुःख पहुँचा और घर का वातावरण भी प्रभावित हुआ।
जब इस बात की जानकारी मेरे आत्मिक पिता को हुई, तो उन्होंने मुझे अपने पास बुलाया। उन्होंने मुझे प्रेम और धैर्य के साथ समझाया कि एक विश्वासी जीवन में विनम्रता, आदर और आज्ञाकारिता कितनी महत्वपूर्ण है। उन्होंने मुझे यह भी सिखाया कि हमें अपने परिवार के सदस्यों के साथ प्रेम और सम्मान से व्यवहार करना चाहिए, चाहे परिस्थितियाँ कितनी भी कठिन क्यों न हों।
दीदी ने भी मुझे बहुत प्रेम से संभाला और मेरा उत्साह बढ़ाया। उनके मार्गदर्शन और प्रार्थनाओं के द्वारा मैंने अपनी गलती को समझा। इसके बाद मैंने अपने परिवार के सभी लोगों से क्षमा माँगी। परमेश्वर की कृपा से उन्होंने मुझे माफ कर दिया और पहले से भी अधिक प्रेम और अपनापन दिखाया।
उस समय मेरे आत्मिक पिता ने मुझे बहुत अच्छे से संभाला और प्रभु में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उनके मार्गदर्शन, प्रार्थनाओं और प्रेम के द्वारा मैं आत्मिक रूप से मजबूत होती गई और प्रभु के और निकट आती गई।
प्रभु ने मेरे जीवन में एक और अद्भुत कार्य किया। मेरे आत्मिक पिता ने प्रार्थना और बुद्धिमानी के साथ मेरे लिए एक विश्वासयोग्य जीवनसाथी खोजने में सहायता की। आज परमेश्वर की कृपा से मेरी सगाई हो चुकी है, और मैं प्रभु का धन्यवाद करती हूँ कि उन्होंने मेरे जीवन के लिए इतनी सुंदर योजना बनाई।
आज जब मैं अपने जीवन को पीछे मुड़कर देखती हूँ, तो समझ पाती हूँ कि प्रभु हर परिस्थिति में हमारे साथ होते हैं। वह हमारी गलतियों को सुधारते हैं, हमें सही मार्ग दिखाते हैं और अपने प्रेम से हमें आगे बढ़ाते हैं।
मैं प्रभु यीशु मसीह का धन्यवाद करती हूँ कि उन्होंने मेरे जीवन में ऐसे आत्मिक मार्गदर्शक दिए जिन्होंने मुझे प्रेम, धैर्य और परमेश्वर के वचन के अनुसार चलना सिखाया।
सारी महिमा, आदर और धन्यवाद केवल हमारे प्रभु यीशु मसीह को मिले।
आमीन।

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Vipin

Vipin

जय मसीह की। मैं अपने प्रभु यीशु मसीह का हृदय से ... More

जय मसीह की।
मैं अपने प्रभु यीशु मसीह का हृदय से धन्यवाद करता हूँ कि उन्होंने मुझे चुना और अपने लोगों के बीच लेकर आए। एक समय ऐसा था जब मैं प्रभु को नहीं जानता था, लेकिन प्रभु ने अपनी कृपा से मुझे सही मार्ग दिखाया। प्रभु मार्क भैया और बॉबी दीदी के द्वारा मैंने प्रभु को जाना, उनके जीवन को देखा और उनके जीवन में प्रभु के प्रेम, विश्वास और सेवा को अनुभव किया।
भैया और दीदी ने हमेशा हमारे साथ एक परिवार की तरह व्यवहार किया है। जब हम जीवन की कठिन परिस्थितियों, दुखों और परेशानियों से घिरे हुए थे, तब उन्होंने हमें अपने परिवार का हिस्सा बनाकर संभाला। उन्होंने केवल बातें ही नहीं कीं, बल्कि हर परिस्थिति में हमारे साथ खड़े रहे और हमें कभी अकेला महसूस नहीं होने दिया।
उन्होंने हमें परमेश्वर के वचन में खराई से चलना सिखाया, प्रभु के मार्ग पर आगे बढ़ना सिखाया और हर परिस्थिति में विश्वास बनाए रखना सिखाया। जब भी हम किसी परेशानी में होते हैं, वे हमें परमेश्वर के वचन के द्वारा समझाते हैं, प्रोत्साहित करते हैं और सही मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने हमेशा हमें यह सिखाया कि हर समस्या का समाधान प्रभु में है।
मैं विशेष रूप से यह भी कहना चाहता हूँ कि कई बार जब हमें आर्थिक सहायता की आवश्यकता पड़ी, तब भी भैया और दीदी ने प्रेम और करुणा के साथ हमारी सहायता की। उन्होंने केवल आत्मिक रूप से ही नहीं, बल्कि व्यवहारिक जीवन में भी हमारा साथ दिया और हमारी जरूरतों को समझा।
आज यदि हमारा जीवन आशीषों से भरा हुआ है, यदि हम प्रभु में मजबूत हैं और परमेश्वर के वचन को सही रीति से समझ पा रहे हैं, तो उसमें प्रभु द्वारा दिए गए उनके मार्गदर्शन का बहुत बड़ा योगदान है। उनके प्रेम, प्रार्थनाओं और देखभाल के द्वारा हमने प्रभु के प्रेम को अपने जीवन में अनुभव किया है।
मैं परमेश्वर का धन्यवाद करता हूँ कि उन्होंने हमारे जीवन में प्रभु मार्क भैया और बॉबी दीदी जैसे सेवकों को रखा, जो निस्वार्थ भाव से लोगों की सेवा करते हैं और मसीह के प्रेम को अपने जीवन के द्वारा प्रकट करते हैं।
मेरी प्रार्थना है कि प्रभु उन्हें भरपूर आशीष दें, उन्हें उत्तम स्वास्थ्य, सामर्थ्य, बुद्धि और आत्मिक बल प्रदान करें, ताकि वे आने वाले समय में भी बहुत से लोगों के जीवन में आशीष का कारण बनते रहें।
सारी महिमा, आदर और धन्यवाद केवल हमारे प्रभु यीशु मसीह को मिले।
आमीन।

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Nishi Suryavanshi

Nishi Suryavanshi

Praise the Lord everyone, I am Nishi Suryavanshi from Bidar, Karnataka. I ... More

Praise the Lord everyone,
I am Nishi Suryavanshi from Bidar, Karnataka.
I was born into a Christian family, but I did not truly understand what a righteous life in God meant. There was a time in my life when everything felt like a mess. I was struggling with depression, feeling lost, stuck, and ready to give up on life.
At that difficult time, God brought Sister Babita Sharma into my life. She spoke to me about God, His love, and His plans for my life. Through God’s guidance, my parents decided to send me to Delhi, and there I met Pastor Mark and Sister Babita Sharma.
At The Prayer Foundation Church, I experienced the love of God in a new way. The Spirit of God touched my life, changed me, and renewed me completely. I was baptized by Pastor Mark, and both Pastor Mark and Sister Babita helped me grow spiritually and understand the Word of God.
Through their guidance, I became closer to Jesus and learned to truly seek God. God connected me with beautiful people, strengthened my faith, and completely transformed my life.
Today, I thank God for His grace, love, and mercy upon my life. I also thank Pastor Mark and Sister Babita Sharma for being faithful servants of God and for helping me walk in the path of Christ.
All glory to Jesus Christ.
Amen.

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Preeti

Preeti

जय मसीह की। मेरा नाम प्रीति है और मैं नजफगढ़, दिल्ली ... More

जय मसीह की।
मेरा नाम प्रीति है और मैं नजफगढ़, दिल्ली में रहती हूँ।
आज मैं अपने जीवन की गवाही आप सभी के साथ साझा करना चाहती हूँ कि किस प्रकार प्रभु यीशु मसीह ने मेरे टूटे हुए जीवन को संभाला, मुझे आशा दी और मेरे परिवार को पुनर्स्थापित किया।
एक समय ऐसा था जब मेरा जीवन बहुत कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा था। मेरे माता-पिता के बीच लगातार झगड़े होते थे, मेरी माँ एक गंभीर और पुरानी बीमारी से पीड़ित थीं, और हमारा परिवार गहरे आर्थिक संकट का सामना कर रहा था। हमारे घर का वातावरण तनाव, दुख, भय और निराशा से भरा हुआ था।
इन परिस्थितियों ने मुझे अंदर से पूरी तरह तोड़ दिया था। मैं भावनात्मक रूप से थक चुकी थी और आत्मिक रूप से बहुत कमजोर महसूस करती थी। मुझे ऐसा लगता था कि मेरी ज़िंदगी में अब कोई आशा शेष नहीं रही। कई बार मेरे मन में जीवन समाप्त कर देने जैसे विचार भी आने लगे थे।
लेकिन ठीक उसी समय, जब मुझे लगा कि सब कुछ समाप्त हो चुका है, परमेश्वर ने मेरे लिए एक मार्ग तैयार किया और मुझे Care Christ टीम से जोड़ा।
Care Christ के माध्यम से मुझे केवल सलाह या काउंसलिंग ही नहीं मिली, बल्कि मुझे ऐसे लोग मिले जिन्होंने मुझे प्रेम से सुना, मेरे लिए विश्वास के साथ प्रार्थना की, धैर्यपूर्वक मेरा मार्गदर्शन किया और एक परिवार की तरह हर परिस्थिति में मेरा साथ दिया। उनकी प्रार्थनाओं, आत्मिक परामर्श और निरंतर सहयोग के द्वारा मेरा विश्वास फिर से मजबूत होने लगा। धीरे-धीरे मुझे यह अनुभव होने लगा कि परमेश्वर ने मुझे कभी नहीं छोड़ा था, बल्कि वह हर समय मेरे साथ थे।
जैसे-जैसे मैं प्रार्थना और परमेश्वर के वचन में आगे बढ़ती गई, मैंने अपने जीवन और परिवार में प्रभु के अद्भुत कार्यों को देखना शुरू किया। मेरी माँ को चंगाई मिली, घर के झगड़े कम होने लगे और धीरे-धीरे हमारे परिवार में प्रेम, समझ और शांति लौट आई। जो घर कभी तनाव और दुख से भरा हुआ था, वही घर परमेश्वर की शांति और आनंद से भरने लगा।
Care Christ ने मेरे जीवन के एक महत्वपूर्ण निर्णय में भी मेरी सहायता की। उन्होंने मुझे विवाह और जीवनसाथी के विषय में सही मार्गदर्शन दिया तथा इस प्रक्रिया में मेरा सहयोग किया। उनका साथ केवल वहीं तक सीमित नहीं रहा। विवाह के बाद भी जब-जब मैं किसी परेशानी, उलझन, भावनात्मक दबाव या जीवन की कठिन परिस्थितियों से गुज़री, तब-तब Care Christ टीम एक मजबूत स्तंभ की तरह मेरे साथ खड़ी रही। उन्होंने मेरे लिए प्रार्थना की, मेरा मार्गदर्शन किया और मुझे मसीह के प्रेम में दृढ़ बने रहने के लिए प्रोत्साहित किया।
आज मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकती हूँ कि Care Christ आत्मिक चंगाई, प्रार्थना, काउंसलिंग, मार्गदर्शन और पुनर्स्थापना का एक आशीषित माध्यम है। यह वह स्थान है जहाँ टूटे हुए दिलों को सहारा मिलता है, निराश लोगों को आशा मिलती है, और जीवन की उलझनों में फँसे लोगों को परमेश्वर के वचन के अनुसार सही दिशा दिखाई जाती है।
Care Christ के माध्यम से मैंने यह अनुभव किया है कि प्रभु यीशु मसीह का प्रेम हर घाव को भर सकता है, टूटे हुए परिवारों को जोड़ सकता है, निराश जीवन में आशा ला सकता है और अंधकार को प्रकाश में बदल सकता है।
मैं Care Christ टीम के लिए परमेश्वर का हृदय से धन्यवाद करती हूँ, उनकी विश्वासयोग्य सेवा, उनकी प्रार्थनाओं, उनके मार्गदर्शन और जरूरतमंद लोगों के प्रति उनके प्रेमपूर्ण हृदय के लिए।
आज मेरा जीवन इस बात की जीवित गवाही है कि परमेश्वर दुख को आनंद में, निराशा को विश्वास में, टूटन को चंगाई में और दर्द को शांति में बदल सकता है।
सारी महिमा, आदर और धन्यवाद केवल हमारे प्रभु यीशु मसीह को मिले।
आमीन।

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Jyoti

Jyoti

जय मसीह की। मेरा नाम ज्योति है और मैं रामपुरा की ... More

जय मसीह की।
मेरा नाम ज्योति है और मैं रामपुरा की रहने वाली हूँ। आज मैं आप सभी के साथ अपने जीवन की गवाही साझा करना चाहती हूँ कि प्रभु यीशु मसीह ने मुझे किन-किन परिस्थितियों से निकालकर अपने अनुग्रह और आशीषों में रखा।
जब मैं प्रभु को नहीं जानती थी, तब मेरा जीवन बहुत कठिनाइयों, परेशानियों, बीमारियों और संघर्षों से भरा हुआ था। एक लड़की होने के नाते मैंने अपने जीवन में बहुत से ऐसे दुख और बुरे हालात देखे, जिन्हें सहना मेरे लिए बहुत कठिन था। मुझे समझ नहीं आता था कि मेरा जीवन किस दिशा में जा रहा है और मैं अंदर से पूरी तरह टूट चुकी थी।
इन्हीं परिस्थितियों के बीच प्रभु ने मेरे जीवन में अपने दासों को भेजा। बबीता शर्मा (बॉबी दीदी) ने मुझे मार्गदर्शन देना शुरू किया और समझाया कि परमेश्वर के वचन के अनुसार जीवन कैसे जीना चाहिए। पास्टर मार्क भैया और बॉबी दीदी ने मुझे एक माता-पिता की तरह प्रेम दिया, मेरा उत्साह बढ़ाया और प्रभु के मार्ग पर चलना सिखाया।
जैसे-जैसे मैं उनकी बातों को मानती गई और परमेश्वर के वचन के अनुसार अपने जीवन को बदलती गई, वैसे-वैसे प्रभु मेरे जीवन में कार्य करते गए। मुझे गठिया (जॉइंट पेन) की गंभीर समस्या थी। मेरी स्थिति ऐसी हो गई थी कि मुझे उठने-बैठने में भी बहुत परेशानी होती थी। कई बार रात-रात भर दर्द के कारण नींद नहीं आती थी। एक जवान लड़की के लिए बिस्तर पर पड़े रहना और अपने सामान्य काम भी न कर पाना बहुत दुखद और कठिन अनुभव था।
मैंने बहुत से डॉक्टरों को दिखाया, अनेक प्रकार की दवाइयाँ खाईं, लेकिन कोई स्थायी राहत नहीं मिली। मेरी हालत इतनी खराब हो गई थी कि कुछ डॉक्टरों ने तो मुझे मानसिक रूप से बीमार तक कह दिया। उस समय मैं शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से पूरी तरह टूट चुकी थी।
लेकिन उसी समय मैंने प्रभु को और अधिक निकटता से जानना शुरू किया। पास्टर मार्क भैया और बॉबी दीदी ने मेरा साथ कभी नहीं छोड़ा। उन्होंने एक सच्चे सेवक, एक माता-पिता और एक विश्वासयोग्य मार्गदर्शक की तरह मुझे संभाला। उन्होंने मुझे परमेश्वर के वचन से प्रोत्साहित किया, मेरे लिए प्रार्थना की और हर परिस्थिति में मेरा हौसला बढ़ाया।
आज मैं परमेश्वर का धन्यवाद करती हूँ कि प्रभु ने मेरे जीवन में परिवर्तन किया। उन्होंने मुझे सही मार्ग दिखाया, मेरी सोच को बदला और मुझे विश्वास में मजबूत बनाया। मैंने सीखा कि जब हम परमेश्वर पर भरोसा करते हैं और उसके वचन के अनुसार चलते हैं, तब वह हमारी सबसे कठिन परिस्थितियों में भी हमारे साथ खड़ा रहता है।
मैं विशेष रूप से प्रभु का धन्यवाद करती हूँ कि उन्होंने मेरे जीवन में पास्टर मार्क भैया और बॉबी दीदी जैसे सेवकों को रखा, जिन्होंने निःस्वार्थ भाव से मेरी सहायता की, मुझे समझाया और प्रभु के मार्ग में आगे बढ़ाया।
आज मैं पहले से कहीं अधिक शांति, विश्वास और आशा के साथ जीवन जी रही हूँ। मेरी यह गवाही केवल मेरी नहीं, बल्कि प्रभु यीशु मसीह की महिमा की गवाही है, जिन्होंने मेरे जीवन को छुआ और मुझे नई आशा दी।
मैं आप सभी को यही कहना चाहती हूँ कि चाहे आपकी परिस्थितियाँ कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि आप प्रभु यीशु पर विश्वास करेंगे और उसके वचन के अनुसार चलेंगे, तो वह आपको भी हर परेशानी से निकालकर अपने अनुग्रह में ले आएगा।
प्रभु यीशु मसीह की महिमा हो।
आमीन।

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Alok

Alok

जय मसीह की। मेरा नाम आलोक है। आज मैं आप सभी ... More

जय मसीह की।
मेरा नाम आलोक है। आज मैं आप सभी के साथ अपनी गवाही साझा करना चाहता हूँ कि प्रभु यीशु मसीह ने मेरी ज़िंदगी में कैसे कार्य किया और कैसे प्रभु ने भैया और दीदी के द्वारा मेरी ज़िंदगी को सँवारा, मार्गदर्शन दिया और आज तक मुझे आगे बढ़ा रहे हैं।
हमारे परिवार के चर्च में आने का मुख्य कारण मेरी मम्मी थीं। जब हम छोटे थे, तब सामान्य रूप से बच्चे वहीं जाते हैं जहाँ उनके माता-पिता जाते हैं। इसलिए मैं भी अपने परिवार के साथ चर्च आने लगा।
उस समय मेरी मम्मी को पेट में पत्थरी की गंभीर समस्या थी। हमने कई जगह इलाज करवाया, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। पूरा परिवार बहुत चिंतित था। तभी किसी ने हमें सलाह दी कि हम चर्च जाएँ और प्रभु से प्रार्थना करें। शुरू में यह बात हमें थोड़ी अजीब लगी, लेकिन हम विश्वास के साथ चर्च आने लगे और लगातार प्रार्थना करते रहे।
प्रभु ने हमारी प्रार्थना सुनी और मेरी मम्मी को उस बीमारी से चंगा किया। यह हमारे परिवार के जीवन में प्रभु के सामर्थी कार्य का पहला अनुभव था। यही कारण है कि हम आज भी प्रभु के घर में बने हुए हैं।
लेकिन केवल मेरी मम्मी ही नहीं, प्रभु ने मेरी व्यक्तिगत ज़िंदगी में भी बहुत बड़ा बदलाव किया। स्कूल के दिनों में मेरी कई आदतें अच्छी नहीं थीं। मैं दूसरों का मज़ाक उड़ाता था, लोगों को चिढ़ाता था, गलत संगति में रहता था और कई बातों में अनुशासनहीन था।
जब मेरे माता-पिता ने मेरी इन आदतों के बारे में भैया और दीदी को बताया, तो उन्होंने मुझे समझाया, डाँटा और सही मार्ग दिखाया। उस समय मुझे बुरा लगता था। मुझे लगता था कि कोई मेरी ज़िंदगी में हस्तक्षेप क्यों कर रहा है। लेकिन आज पीछे मुड़कर देखता हूँ तो समझ आता है कि वह सब मेरे भले के लिए था।
धीरे-धीरे प्रभु ने मेरे मन को बदला। मेरी गलत आदतें छूटने लगीं और मेरा जीवन प्रभु की ओर बढ़ने लगा। जब मैंने पूरी तरह से अपने जीवन को प्रभु और उनके मार्गदर्शन के अधीन कर दिया, तब मैंने देखा कि संसार के युवाओं और प्रभु में चलने वाले युवाओं के जीवन में कितना बड़ा अंतर होता है।
आज मैं विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि यदि मैं प्रभु को नहीं जानता, तो शायद मैं भी गलत संगति, नशे या किसी और बुरे रास्ते पर चला गया होता। लेकिन प्रभु की दया और सही मार्गदर्शन ने मुझे उन रास्तों से बचाए रखा।
मैंने भैया और दीदी के जीवन में एक सच्चे माता-पिता जैसा प्रेम देखा है। उन्होंने बिना किसी स्वार्थ के हमेशा हमारा भला चाहा, हमारी गलतियों को सुधारा, हमें प्रोत्साहित किया और प्रभु के वचन के अनुसार जीवन जीना सिखाया। जब भी मुझे किसी बात की आवश्यकता हुई, उन्होंने एक पिता और माता की तरह मेरा साथ दिया।
आज जब मैं अपने जीवन को देखता हूँ, तो मेरे हृदय में प्रभु के प्रति बहुत धन्यवाद है कि उन्होंने मुझे ऐसी कलीसिया दी जहाँ प्रेम है, मार्गदर्शन है और आत्मिक उन्नति का अवसर है। यहाँ लोगों का उद्देश्य अपना लाभ नहीं, बल्कि आत्माओं की उन्नति और प्रभु के राज्य की बढ़ोतरी है।
मैं प्रभु का धन्यवाद करता हूँ कि उन्होंने भैया और दीदी के द्वारा मेरे जीवन को सँभाला, मुझे सही दिशा दी और आज तक मुझे आगे बढ़ा रहे हैं।
अंत में मैं सभी युवाओं से कहना चाहता हूँ कि यदि आप गलत संगति में हैं या जीवन में संघर्ष कर रहे हैं, तो प्रभु यीशु के पास आइए। सही संगति में आइए, परमेश्वर के वचन को सीखिए और अपने जीवन को प्रभु के हाथों में सौंप दीजिए। प्रभु निश्चित रूप से आपके जीवन को भी बदल सकते हैं, जैसे उन्होंने मेरे जीवन को बदला है।
प्रभु यीशु मसीह की महिमा हो।
आमीन।

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